जंगल में मिले शव का मामला: पीएम रिपोर्ट में कुछ ओर निकला,पुलिस पर लगे थे गंभीर आरोप

ग्वालियर।ग्रालियर में जुआरियों पर छापा मार कारवाही के दौरान एक आरोपी जंगल में भाग गया था।उसका शव जंगल में मिलने के बाद परिजन ने पुलिस पर 20 हजार रुपए, बाइक छीनने और हत्या का आरोप लगाया था।लेकिन मृतक की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कुछ ओर खुलासा हुआ है।रिपोर्ट के मुताबिक मृतक को अस्थमा था। उसकी धमनियों में 80 फीसदी तक ब्लॉकेज निकला ओर उसकी सांस नली चिपकी मिली है। 

     28 मार्च की शाम को बिजौली के सिंघार पुर के जंगल में ट्रैवल एजेंट शमशाद खान का शव मिला था। यह वही युवक था जो 25 मार्च को बिजौली क्षेत्र में जुआरियों की सर्चिंग में दबिश के बाद पुलिस से छूटकर भाग गया था।शव मिलने के बाद शमशाद के परिजन ने पुलिस पर 20 हजार रुपए, बाइक छीनने और हत्या का आरोप लगाया था।इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने उटीला थाना में पदस्थ दो सिपाही ओमप्रकाश व मुकेश को लाइन अटैच कर दिया था।लेकिन मृतक की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कुछ ओर खुलासा हुआ है।रिपोर्ट में पता लगा है कि मृतक को अस्थमा था। उसकी धमनियों में 80 फीसदी तक ब्लॉकेज था। साथ ही उसकी सांस नली चिपकी मिली है। आशंका है कि घबराहट में भागने और पानी न मिलने पर उसे हार्ट अटैक आया होगा।मृतक पर इंदरगंज थाने में जुए के दो मामले दर्ज थे।फिलहाल पुलिस को डिटेल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

क्या है पूरा मामला

   25 मार्च को बिजौली क्षेत्र में शमशाद अपने तीन अन्य साथियों के साथ अलग-अलग बाइक से बिजौली के जंगल में जुआ खेलने निकला था।तब पुलिस की दबिश पड़ी तो शमशाद जंगल की तरफ भागा था, लेकिन उसके बाद उसका पता नहीं चला था।फिर 28 मार्च की शाम सिंघार पुर के जंगल में शमशाद का शव मिला। मृतक झाड़ियों के नीचे पेट के बल पड़ा था। 

जंगल में आकर मुझे ले जाओ

शमशाद के साथी मोनू के मुताबिक 25 मार्च की शाम को पुलिस से छूटकर भागने की घटना के 20 से 25 मिनट बाद मेरे पास शमशाद का फोन आया था।शमशाद ने फोन पर बताया कि पुलिस वालों ने उससे 20 हजार रुपए छीन लिए। वह बाइक से कूदकर भागा ओर जंगल में छिप गया हु। तुम जंगल में आकर मुझे ले जाओ। हालाकि शमशाद के साथी व रिश्तेदार राशिद के मुताबिक शमशाद पैर में रॉड डली थी, उसका शरीर भी भारी था। वह भाग नहीं सकता था।