फर्जी अनुमति से महाकाल मंदिर में प्रवेश की कोशिश,तीन दिन में दो मामले

उज्जैन। उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रवेश को लेकर कोई न कोई मामला सामने आते रहा है।अब फर्जी अनुमति से प्रवेश की कोशिश का मामला सामने आया हैं।भस्म आरती के दौरान मुंबई निवासी रौनक परमार को फर्जी अनुमति से प्रवेश करते हुए पकड़ा पर तुरंत महाकाल थाने सौंपा है।तीन दिनों में फर्जी अनुमति का दूसरा मामला है।

महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान प्रवेश की कोशिश करता हुआ मुंबई के रौनक परमार को फर्जी अनुमति के साथ पकड़ा गया है।रौनक अपने 9 साथियों के साथ भस्म आरती के लिए आया था। उसके साथियों को अनुमति मिल गई थी, लेकिन रौनक को नहीं मिली थी।ऐसे में रौनक ने अपने  मोबाइल सॉफ्टवेयर से साथियों की अनुमति को एडिट कर अपना नाम डाल दिया। त्रिनेत्र कंट्रोल रूम में कंप्यूटर चेकिंग के दौरान केएसएस कंपनी के कर्मचारी केशव परिहार ने उसे पकड़ लिया।फिर भस्म आरती प्रभारी आशीष दुबे ने दर्शनार्थी रौनक को तुरंत महाकाल थाने भेजा। पुलिस ने रौनक के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) में केस दर्ज किया है।

 यह तीन दिन पहले भी नोएडा के एक दंपती मुकुल पिता विजेंद्र सिंह और उनकी पत्नी चीनू भाटी ने श्याम सिंह और सरोज देवी के आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर अपनी तस्वीर लगाई और मंदिर में प्रवेश किया।बाद में जब असल श्याम सिंह और सरोज देवी पहुंचे, तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में मुकुल और चीनू भाटी की अनुमति फर्जी पाई गई। इसके बाद महाकाल थाना पुलिस ने दंपती के खिलाफ मामला दर्ज किया था।