ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र के बड़ागांव हाइवे स्थित एक होटल के पीछे रहने वाला 27 वर्षीय रंजीत सिंह जाट ने नगर निगम डिप्टी कमिशनर अतिबल सिंह यादव पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ित का आरोप लगाया है।नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारी रंजीत अतिबल सिंह यादव के सरकारी वाहन के ड्राइवर है। रंजीत ने पत्र लिखा ओर उसे छोड़ कर घर से गायब हो गया।कर्मचारी ने पत्र में लिखा कि मेरे अधिकारी नगर निगम के डिप्टी कमिशनर अतिबल सिंह यादव रोज शराब पीने के बाद मुझे गालियां देते हैं, झूठे बर्तन उठवाते हैं और हर समय नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं।दो पेज के पत्र में रंजीत ने लिखा कि प्रताड़ना से तंग आकर जान देने जा रहा हूं।बाद में रंजीत के रिश्तेदार ने बिजौली थाना में रंजीत जाट के गायब होने ओर कमरा में एक पत्र मिलने की शिकायत की।पुलिस ने फोन नंबर को ट्रैक पर डाल कर खोजबीन की तो सुबह सुबह रंजीत पुलिस को मिला।रंजीत ने पुलिस को पत्र में लिखा बाते बताई।साथ ही बताया कि वह रात को वह आत्महत्या करने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचा था लेकिन यहां से ट्रेन में चढ़कर मथुरा पहुंच गया था। वहां जाकर उसे पत्नी और बच्चों की फिक्र सताने लगी जिससे उसने आत्महत्या नहीं कि ओर लौट आया।पुलिस ने रंजीत के आरोपों को लेकर जांच शुरू कर दी है।इधर डिप्टी कमिशनर यादव ने रंजीत के आरोपों को नकारा और बोला रंजीत झूठ बोल रहा है।
ग्वालियर।ग्वालियर नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर पर उनके शासकीय वाहन के चालक ओर आउट सोर्स कर्मचारी ने शराब पीकर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। कर्मचारी ने एक पत्र में आरोप और आत्महत्या की बात लिखी ओर गायब हो गया।अधिकारी ने सभी आरोप को झूठा बताया।