अटल बिहारी वाजपेयी - भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान ग्वालियर ने संविधान दिवस मनाया

ग्वालियर। अटल बिहारी वाजपेयी - भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान ग्वालियर में संविधान दिवस मनाया गया।इस दौरान हमारे संविधान से संबंधित वाद-विवाद,निबंध लेखन,पोस्टर निर्माण गतिविधियों के विजेताओं को कार्यक्रम के दौरान निदेशक प्रो.एस एन सिंह, प्रोफेसर जोयदीप धर और संस्थान के कुलसचिव के के तिवारी  द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों के विजेताओं को प्रमाण पत्र और उपहारों से सम्मानित किया गया।
संस्थान की मीडिया प्रभारी श्रीमती दीपा सिंह सिसोदिया ने बताया कि संविधान दिवस समारोह के संबंध में सचिव उच्च शिक्षा और निदेशक प्रो. एस. एन. सिंह द्वारा प्राप्त निर्देशों के तहत संस्थान ने विभिन्न संस्थाओं के छात्रों के लिए जागरूकता फैलाने और संविधान के दायरे में राष्ट्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को पुनः प्रमाणित करने हेतु कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन प्रतियोगिताओं में  “लोकतन्त्र” विषय पर चित्रकला,पोस्टर निर्माण, विवाद प्रतियोगिता “सभी के लिए समान अधिकार”  विषय पर और निबंध लेखन प्रतियोगिता विषय: “सत्यमेव जयते” पर आयोजित की गयी।यह प्रतियोगिताएं दो श्रेणियों के छात्रों के बीच आयोजित की गईं  । वरिष्ठ श्रेणी – 1 में 11वीं, 12वीं कक्षा के छात्र और इंजीनियरिंग पॉलिटेक्निक छात्र सम्मिलित हुए तथा कनिष्ठ श्रेणी में 10वीं कक्षा तक के स्कूल के छात्रों ने भाग लिया । कार्यक्रम का मुख्य संचालन डीन ऑफ फ़ैकल्टि अफ़्फ़ेएर्स प्रो. के के पटनायक तथा सह संचालन सहायक कुलसचिव विनीत सुराना ने किया । 
सर्वप्रथम निदेशक, संस्थान संकाय, असंकाय  सदस्यों  छात्रों और स्कूली बच्चों द्वारा संविधान प्रस्तावना का वाचन और प्रतिज्ञा ली गयी । इसके पश्चात उपस्थित सभी को निदेशक द्वारा संबोधित किया गया । उन्होने 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाने के महत्व पर प्रकाश डाला तथा इसकी महतता से सभी को अवगत कराया । उन्होने बताया कि संविधान दिवस लोकतांत्रिक आदर्शों को मजबूत करता है] सक्रिय नागरिक भागीदारी और जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करता है। । निदेशक ने सभी को बधाई दी] अपनी सकारात्मक भावनाएं व्यक्त कीं और संविधान दिवस के उत्सव को साकार करने के लिए सभी का धन्यवाद किया ।कार्यक्रम के प्रतिभागियों ने इस सुअवसर का लाभ उठाते हुए संविधान की समझ को और भी सुढ्रद किया । राष्ट्रीय संविधान दिवस संविधान में लिखे मूल्यों जैसे न्याय समानता और भाईचारे की याद दिलाता है। यह नागरिकों में उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाता है] उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है । निदेशक प्रो. सिंह के द्वारा उठाए गए इस सरहनीय कदम जिसमें हमारे संविधान की समझ के प्रति सभी की संलग्नता तथा प्रेरणा और समुदाय को इसको समझने के लिए प्रेरित करना उसका पालन समान अवसर और समानता के माध्यम से एक विकसित राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान देने का द्रढ़ संकल्प एक सरहनीय कदम रहा।  आइये हम एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाएँ और एक सुदृढ़ राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बनें। आइए हम उन आदर्शों और बलिदानों का सम्मान करें जो हमारे महान राष्ट्र को परिभाषित करते है।